1953 में प्रकाशित अज्ञेय द्वारा लिखा गया यात्रा-संस्मरण, अरे यायावर रहेगा याद? हिंदी साहित्य के इतिहास में संग्रहणीय है। आठ अध्याय में विभाजित यह कृति एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है जो भारतीय उपमहाद्वीप के स्वतंत्रता संग्राम के समय के इतिहास, भूगोल, और राजनीति को समग्रता से समेटे हुए है। यह यात्रा-संस्मरण अज्ञेय के अनुभवों का संग्रह है जो उन्होंने द्वितीय विश्व-युद्ध के अंत और स्वतंत्रता-संग्राम के समय में अपनी यात्राओं के दौरान प्राप्त किए थे।
