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Monday, July 1, 2024

'अरे यायावर रहेगा याद?'- अज्ञेय का बहुआयामी यात्रा-संस्मरण

 


1953 में प्रकाशित अज्ञेय द्वारा लिखा गया यात्रा-संस्मरण, अरे यायावर रहेगा याद? हिंदी साहित्य के इतिहास में संग्रहणीय है।  आठ अध्याय में विभाजित यह कृति एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है जो भारतीय उपमहाद्वीप के स्वतंत्रता संग्राम के समय के इतिहास,  भूगोल, और राजनीति को समग्रता से समेटे हुए है। यह यात्रा-संस्मरण अज्ञेय के अनुभवों का संग्रह है जो उन्होंने द्वितीय विश्व-युद्ध के अंत और स्वतंत्रता-संग्राम के समय में अपनी यात्राओं के  दौरान प्राप्त किए थे।

Tuesday, June 23, 2015

'अपने अपने अजनबी' और वैयक्तिक यथार्थबोध




प्रस्तावना:  प्रस्तुत लेख अज्ञेय के उपन्यास 'अपने अपने अजनबी' के मूल्यांकन द्वारा हिन्दी साहित्य में वैयक्तिक यथार्थबोध के सिद्धांत की यथार्थवाद के परिपेक्ष्य में संभावनाएं खोजने का प्रयास करता है। यह लेख मेरे हिंदी साहित्य में एम. फिल. की उपाधि के लिए प्रस्तुत किए गए लघु-शोध प्रबंध पर आधारित रचना है।