Tuesday, July 30, 2019

लुबना सलीम की ‘गुड़म्बा’ नाटक में एकल प्रस्तुति- एक लघु समीक्षा


‘गुड़म्बा’ मशहूर लेखक ज़ावेद सिद्दीकी द्व्रारा लिखित तथा सलीम आरिफ़ द्वारा निर्देशित एक संवेदनशील एकल नाटक, 27 जुलाई को सूरसदन प्रेक्षागृह में अभिनीत किया गया। नाटक के प्रारम्भ में सहजता से अभिमुख होती हुई, इस एकल नाटक की कलाकार लुबना सलीम ने क्षण भर में दर्शकों से आत्मीयता स्थापित कर ली, फिर एक पात्र में अनेक पात्रों को जीती हुई, कभी अपने जीवन के पुराने समय और कभी वर्तमान में दर्शकों को पहुँचाती रही। नाटक की मुख्य और एकमात्र पात्रा अमीना(लुबना सलीम) अपने पति, बेटे और बहू के साथ रहती है। एक औरत की समाज में निम्नतर स्थिति इस नाटक के माध्यम से स्पष्ट होती है, जिसको उसका पिता, पति और पति के घर वाले अपने आधीन रखते हैं।